Search This Website

Saturday, September 23, 2017

गुड़ और मेथी से बनी है गणेश की प्रतिमा, जानें इस अनोखी प्रतिमा की कहानी

 गुड़ और मेथी से बनी है गणेश की प्रतिमा, जानें इस अनोखी प्रतिमा की कहानी



गणेश भगवान की सबसे बड़ी और विशाल प्रतिमाओं में एक प्रतिमा का निमार्ण मेथी और गुड़ से किया गया है। यह विशाल मन्दिर उज्जैन में है। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मन्दिर के पास ही है












गणेश भगवान का यह मन्दिर। इस मन्दिर में गणेश भगवान की एक विशाल प्रतिमा है। इस कारण इसे बड़ गणेश भगवान का मन्दिर भी कहा जाता है। 








ऐसा माना जाता है कि इस प्रतिमा की स्थापना महार्षि गुरू महाराज सिद्धांत वागेश पं. नारायण जी ने किया था। इस मन्दिर के निमार्ण के समय में अनेको प्रकार के प्रयोग किए गए थे। यह भी कहा जाता है कि उस विशा गणेश भगवान की प्रतिमा को बनाने के लिए सीमेन्ट का प्रयोग नहीं किया गया था।










इस प्रतिमा को बनाने में बालू, रेत, ईट और चूने का इस्तेमाल किया गया था।इस मूर्ति की खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए मेथी और गुड़ के मसाले को प्रयोग किया गया था।








इसके अलावा इसकी एक और खासियत और भी है वह यह है कि अस मूर्ति के निमार्ण में लगभग सभी पवित्र जगह का जल मिलाा गया है। 










सात मोक्षपुरियो मथुरा, माया , अयोध्या , कांची, उज्जैन, काशी और द्वारक की मिट्टी भी मिलाई गई है,जो इस  मूर्ति को और भी खास बनाती है। इीस प्रतिमा को बनाने में ढ़ाई वर्ष  का समय लगा। 









यह गणेश की मूर्ति 18 फीट ऊची  और 10 फीट चौड़ी है। इस प्रतिमा में गणेश की सूंड दक्षिण दिशा में है। मूर्ति में मस्तक पर त्रिशूल और स्वास्तिक कस निशान हैं।










 भगवान गणेश के साथ साथ ही इस मन्दिर में कई देवी देवताओं की मुर्तियां हैं।







मां यशोदा के गोद में बैठे हुए श्री कृष्ण की मूर्ति, उनके पीछे शेषनाग के ऊपर बांसुरी बजाते हुए श्री कृष्ण की प्रतिमा हैं।इस मन्दिर में पंचमुखी हनूमान की प्रतिमा कहते हैं कि इस प्रतिमा की स्थापना गणेण की प्रतिमा के स्थापना से पहले हुई थी।








इस पंचमुखी हनूमान की प्रतिमा बहुत ही सुंदर है। इस मन्दिर में कभी भी जाया जा सकता हैक्योंकि मध्यप्रदेश की यात्रा के लिए सभी मौसम अच्छे माने जाते है। 



No comments:

Post a Comment