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Monday, October 16, 2017

छोटी दीपावली पर जीवंत होगी त्रेतायुग की गौरवगाथा

छोटी दीपावली पर जीवंत होगी त्रेतायुग की गौरवगाथा


प्रदेश सरकार द्वारा छोटी दीपावली पर अयोध्या में प्रस्तावित आयोजन त्रेता युग के राम राज्याभिषेक की स्मृतियों को जीवंत करने वाले होंगे।














मान्यता के अनुसार जब त्रेता युग में लंका विजय के बाद राम राज्याभिषेक का उत्सव मनाया गया वह पर्व अब दीपावली के रूप में मनाया जाता है। इस बार प्रदेश सरकार की ओर से छोटी दीपावली को प्रस्तावित आयोजन त्रेता युग के राम राज्याभिषेक की स्मृतियों को जीवंत करने वाले होंगे।









सूर्यवंश के प्रतापी नरेशों, भगवान राम सहित प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव, महान बौद्ध दार्शनिक अश्वघोष की जन्मभूमि, गौतम बुद्ध की साधना स्थली, सूफी संतों, सिख गुरुओं, सनातनियों और वैष्णव परंपरा के संतों की नगरी लंबे समय तक गौरव की साक्षी रही है।  














राममंदिर निर्माण जन भावनाओं से जुड़ा मुद्दा 

आज इस बावत गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण मामला जन भावनाओं से जुड़ा है। हमें न्यायालय के फैसले का इंतजार है।










 सरकार उसमें पार्टी नहीं है। अयोध्या का सनातन हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसको देखते हम अयोध्या में छोटी दिवाली पर भव्य आयोजन करने जा रहे हैं। कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। 









 सैकड़ों मंदिर-उद्या
नों से सज्जित


लोककथाओं के नायक महान शासक विक्रमादित्य से संरक्षित-सेवित रामनगरी उत्तर मध्यकालीन रियासतों के सैकड़ों मंदिरों एवं उद्यानों से सज्जित हुई। मौजूदा अद्र्ध शताब्दी के दौरान वैष्णव संतों ने मठ-मंदिरों के निर्माण से भी नगरी को रौनक देने का काम किया है। इसके बावजूद नगरी लंबे समय से पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित होने के लिए कसमसा रही है।








पौने तीन दशक पूर्व स्थापित राम की पैड़ी, पौने दो दशक पूर्व स्थापित रामकथा पार्क, कई राजकीय उद्यान, विभिन्न मार्ग, बुनियादी सुविधाओं के लिहाज से उपेक्षित हैं और रामनगरी की गरिमा के अनुरूप पर्यटन के क्षितिज पर गौरवांवित होने की ललक मायूसी में बदल कर रह जा रही है। ऐसे में दीपावली का प्रस्तावित महोत्सव नई उम्मीद के तौर पर सामने है। 











रामराज्याभिषेक के उत्सव पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा के साथ उसी दिन से नगरी को हेलीकाप्टर सेवा से जोडऩे की योजना प्रस्तावित है।









गुप्तारघाट से बाइपास पर बने पुल के बीच सरयू का 10 किलोमीटर  तट पर दीप प्रज्ज्वलन, रामकथा पार्क में सांस्कृतिक आयोजन, नगरी के सभी प्रवेश मार्गों पर रंगोली सजाने, झांकी निकलने आदि की तैयारियां ही नहीं इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उनकी पूरी कैबिनेट की प्रस्तावित मौजूदगी रामनगरी के प्रति नई उम्मीद और नई ²ष्टि की संभावना जगाएगी। 










आध्यात्मिक गुरु जय सिंह के अनुसार इसमें कोई शक नहीं कि ऐसी कोशिश से अयोध्या के विकास का सवाल और प्रभावी होगा।




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