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Friday, October 13, 2017

अच्छा तो सऊदी अरब की औरतो की ज़िन्दगी ऐसी होती है

अच्छा तो सऊदी अरब की औरतो की ज़िन्दगी ऐसी होती है


सऊदी अरब में महिलाओ की ज़िन्दगी में कई प्रकार की बंदिशे लगाई गयी है। यहां के सख्त कानून और नियम की वजह से महिलाओ को कई मुश्किलो का सामना करना पड़ता है। ब्रिटिश डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफर ओलिविया ऑर्थर ने यहां घर में कैद रहने वाली महिलाओ की ज़िन्दगी को अपने कैमरे में कैद किया है,















वह ब्रिटिश काउंसलिंग की ओर से जेद्दाह में महिलाओ के लिए फोटोग्राफी के एक वर्कशॉप में गयी थी, इस वक्त अपने अनुभवो को उन्होंने जेद्दाह डायरी नाम की एक बुक में सामने रख दिया। ओलिविया ने फोटोग्राफी वर्कशॉप में आने वाली कई कठिनाइयों का सामना कर अपने अनुभवो को शेयर किया।










उन्होंने यह बताया कि यह ऐसे पाबन्दियों वाला देश है जहाँ महिलाओ को सड़क पर एक फोटो खीचने के बदले कई फटकार का सामना करना पड़ता है।











वर्कशॉप में आने वाली महिलाओ और लड़कियों से उन्होंने कई प्राथनाए की तब जाकर फोटो मिली। ओलिविया के अनुसार फोटोज लेने में सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि यहां महिलाए सर से पैर तक ढकी रहती है और इसके बिना वो फोटो भी नहीं खिचवाती।










उन्होंने बताया की शुरुवात में मैं बहुत ही अपसेट थी कि इन फोटोज का इस्तमाल मैं कहा कर सकुंगी, मुझे ये तय करने में बड़ा लंबा वक्त लगा कि इन्हें कैसे इस्तमाल कारन है। 










बाद में लगा कि ये फोटोज मेरे प्रोजेक्ट में काफी मदद करेंगी। ये सऊदी अरब में रहने वाली अजीबोगरीब नियमो और दरवाजो के पीछे बंद महिलाओ की ज़िन्दगी को सामने लाने में मददगार साबित हो जाएगी।










सऊदी अरब में महिलाओ की ज़िन्दगी में कई प्रकार की बंदिशे लगाई गयी है। यहां के सख्त कानून और नियम की वजह से महिलाओ को कई मुश्किलो का सामना करना पड़ता है। ब्रिटिश डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफर ओलिविया ऑर्थर ने यहां घर में कैद रहने वाली महिलाओ की ज़िन्दगी को अपने कैमरे में कैद किया है, वह ब्रिटिश काउंसलिंग की ओर से जेद्दाह में महिलाओ के लिए फोटोग्राफी के एक वर्कशॉप में गयी थी, इस वक्त अपने अनुभवो को उन्होंने जेद्दाह डायरी नाम की एक बुक में सामने रख दिया। ओलिविया ने फोटोग्राफी वर्कशॉप में आने वाली कई कठिनाइयों का सामना कर अपने अनुभवो को शेयर किया।













उन्होंने यह बताया कि यह ऐसे पाबन्दियों वाला देश है जहाँ महिलाओ को सड़क पर एक फोटो खीचने के बदले कई फटकार का सामना करना पड़ता है। वर्कशॉप में आने वाली महिलाओ और लड़कियों से उन्होंने कई प्राथनाए की तब जाकर फोटो मिली। ओलिविया के अनुसार फोटोज लेने में सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि यहां महिलाए सर से पैर तक ढकी रहती है और इसके बिना वो फोटो भी नहीं खिचवाती।








उन्होंने बताया की शुरुवात में मैं बहुत ही अपसेट थी कि इन फोटोज का इस्तमाल मैं कहा कर सकुंगी, मुझे ये तय करने में बड़ा लंबा वक्त लगा कि इन्हें कैसे इस्तमाल कारन है। बाद में लगा कि ये फोटोज मेरे प्रोजेक्ट में काफी मदद करेंगी। ये सऊदी अरब में रहने वाली अजीबोगरीब नियमो और दरवाजो के पीछे बंद महिलाओ की ज़िन्दगी को सामने लाने में मददगार साबित हो जाएगी।








सऊदी अरब में महिलाओ की ज़िन्दगी में कई प्रकार की बंदिशे लगाई गयी है। यहां के सख्त कानून और नियम की वजह से महिलाओ को कई मुश्किलो का सामना करना पड़ता है। ब्रिटिश डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफर ओलिविया ऑर्थर ने यहां घर में कैद रहने वाली महिलाओ की ज़िन्दगी को अपने कैमरे में कैद किया है, वह ब्रिटिश काउंसलिंग की ओर से जेद्दाह में महिलाओ के लिए फोटोग्राफी के एक वर्कशॉप में गयी थी, इस वक्त अपने अनुभवो को उन्होंने जेद्दाह डायरी नाम की एक बुक में सामने रख दिया। ओलिविया ने फोटोग्राफी वर्कशॉप में आने वाली कई कठिनाइयों का सामना कर अपने अनुभवो को शेयर किया। उन्होंने यह बताया कि यह ऐसे पाबन्दियों वाला देश है जहाँ महिलाओ को सड़क पर एक फोटो खीचने के बदले कई फटकार का सामना करना पड़ता है। वर्कशॉप में आने वाली महिलाओ और लड़कियों से उन्होंने कई प्राथनाए की तब जाकर फोटो मिली। ओलिविया के अनुसार फोटोज लेने में सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि यहां महिलाए सर से पैर तक ढकी रहती है और इसके बिना वो फोटो भी नहीं खिचवाती। उन्होंने बताया की शुरुवात में मैं बहुत ही अपसेट थी कि इन फोटोज का इस्तमाल मैं कहा कर सकुंगी, मुझे ये तय करने में बड़ा लंबा वक्त लगा कि इन्हें कैसे इस्तमाल कारन है। बाद में लगा कि ये फोटोज मेरे प्रोजेक्ट में काफी मदद करेंगी। ये सऊदी अरब में रहने वाली अजीबोगरीब नियमो और दरवाजो के पीछे बंद महिलाओ की ज़िन्दगी को सामने लाने में मददगार साबित हो जाएगी।



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