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Monday, November 27, 2017

70,000 करोड़ की लागत से भारत बनाने जा रहा 6 घातक सबमरीन, जद में होगा पूरा पाकिस्‍तान और चीन

70,000 करोड़ की लागत से भारत बनाने जा रहा 6 घातक सबमरीन, जद में होगा पूरा पाकिस्‍तान और चीन


इंडियन नेवी की ताकत को दुनिया में अग्रणी श्रेणी स्तर पर ले जाने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत भारत सरकार ने अपने उस प्रोजेक्ट पर दोबारा काम करना शुरू कर दिया है जिसके तहत भारत के लिए विश्व की सबसे एडवांस सबमरीन का निर्माण किया जाना है। 










खबर की मानें तो अगर ये डील फाइनल होती है तो ये रक्षा स्तर पर भारत की अब तक की सबसे बड़ी डील होगी। 







लंबे समय से अधर में लटकी इस डील को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने रिक्वेस्ट ऑफ इन्फॉर्मेशन (आरएफआई) के जरिए विश्व के छह देश रूस, फ्रांस, जर्मनी, जापान, स्वीडन और स्पेन से अनुरोध किया है,














जिनकी मदद से इन सबमरीनों का निर्माण किया जाना है। रिपोर्ट के अनुसार इन सबमरीन के निर्माण में करीब 70 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है।







भारत सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट को पोजेक्ट 75 इंडिया (पी-75आई) नाम दिया है। इसे मदर ऑफ ऑल अंडरवॉटर डील्स भी कहा गया है।










हालांकि ये डील अपने निर्धारित समय से करीब दस साल पीछे है। क्योंकि नवंबर 2007 में इस डील को अनुमति दी जा चुकी है।







बता दें कि हाल के सालों में ये सुरक्षा से जुड़ा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा जोकि अपनी प्रगति की तरफ बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार ये प्रोजेक्ट जितना देरी से शुरू होगा इंडियन नेवी के लिए उतना ही ज्यादा नुकसानदाई होगा। क्योंकि वक्त से एक दशक पीछे चल रही ये डील जबतक पूरी होगी तब नेवी की ज्यादातर सबमरीन की हालात जर्जर हो चुकी होग। इसलिए भारत सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द शुरू कर पूरा करना चाहती है। 












खबर की मानें तो ये इतना आसान और जल्दी होने वाला काम नहीं है क्योंकि सबमरीन के निर्माण के लिए भारत की छह विदेशी कंपनियों फ्रांस की नेवल ग्रुप-डीसीएनएस, जर्मनी की थायस्सेक्रप मरीन सिस्टम, रूस की रोसोबोरोनएक्पोर्ट रूबिन डिजाइन, स्पेन की नवनसिया, स्वीडन की साब और जापान की मित्सुबिशी-कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज कॉम्बाइन मदद करेंगी। बता दें कि भारत जिन छह सबमरीन का निर्माण करने जा रहा है वो दुनिया की सबसे खतरनाक सबमरीनों में से एक होंगी। इनकी रेंज से चीन-पाकिस्तान भी खुद नहीं बचा सकेंगे।







रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार का मानना है कि इंडियन नेवी के पास हर समय 18 डीजल से चले वाली सबमरीन और छह न्यूक्लियर सबमरीन रहें। इसके साथ ही चीन और पाकिस्तान से निपटने के लिए करीब चार लंबी रेंज की न्यूक्लियर सबमरीन हर समय नेवी के पास रहें। जल्द से जल्द सबमरीन का निर्माण किया जाना भारत के इसलिए भी बहुत जरूरी है। वर्तमान में इंडियन नेवी के पास सिर्फ दो न्यूक्लियर सबमरीन है। इसमें स्वदेशी अरिहंत को पिछले साल ही नेवी में शामिल किया गया है। अरिहंत एक बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन है जो करीब छह हजार टन वजनी है। भारत के पास इसके अलावा अकुला-।। सबमरीन भी है जो करीब बारह हजार टन की है। ये सबमरीन रूस से दस साल के लिए लीज पर ली गई है।






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फार्मा कंपनियों के केमिकल से 23 लाख मछलियां मरीं

 फार्मा कंपनियों के केमिकल से 23 लाख मछलियां मरीं





हैदराबाद के इंडस्ट्रियल इलाके में फार्मा कंपनियों के तालाब में केमिकल डालने के कारण करीब 23 लाख मछलियों की मौत हो गयी है.











भारत में हैदराबाद के संगारेड्डी जिले के पतनचेरू के पास एक झील में फार्मा कंपनियों के केमिकल छोड़े जाने से करीब 23 लाख मछलियां मारी गयी हैं.







टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पुलिस ने फार्मा कंपनियां माइलन, हितेरो फार्मा, ऑरबिंदो, एसएमएस फार्मा, 













श्रीराम और वैंटेक के खिलाफ धारा 277 और 278 के तहत एफआईआर दर्ज की है.








दरअसल काजीपल्ली इंडस्ट्रियल इलाके में करीब 30 प्रमुख फार्मा कंपनियां हैं. 












इन कंपनियों के केमिकल अपशिष्ट को सीधे झील में छोड़ दिया गया था. 









266 एकड़ में फैले इस तालाब की 70 से 80 प्रतिशत मछलियां केमिकल की वजह से मारी गयी हैं.













जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते प्रदूषण की वजह से बड़ी संख्या में मछलियों के बारे जाने की घटनायें बार-बार सामने आती हैं. 







पिछले साल तमिलनामडु के तट पर दर्जनों मरी हुई व्हेल मिली थीं. 










उसी दौरान भारत से हजारों किलोमीटर दूर जर्मनी और हॉलैंड के तटों पर भी 12 व्हेल मछलियां मृत पाई गईं थीं.





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रेसिपी स्पेशल: ऐसे बनाएं मुल्तानी पनीर टिक्का, एक बार खाएंगे तो खाते रह जाएंगे

 रेसिपी स्पेशल: ऐसे बनाएं मुल्तानी पनीर टिक्का, एक बार खाएंगे तो खाते रह जाएंगे





केल्शियम और प्रोटीन का सबसे अच्छे स्त्रोत में सबसे पहले पनीर का नाम लिया जाता है.













पनीर जिसे सभी बच्चे और बड़े खूब शौक से खाते हैं, जो खाने में स्वादिष्ट होने के साथ साथ पौष्टिक भी होता है.








कहा जाता है कि पनीर सही मात्रा में खिलाया जाए तो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में सहायता मिलती है.









साथ ही पनीर में विटामिन डी की प्रचुर मात्रा होती है. इन सभी फायदों के मद्देनजर आज हम रेसिपी स्पेशल में आपके लिए लेकर आए हैं 








मुल्तानी पनीर टीका. इस डिश को देखकर आपके घर में खुद को खाने से रोक नहीं पाएंगे. घर में में मुल्तानी पनीर डिश बनाने की ईजी रेसिपी के जरिए










मुल्तानी पनीर बनाने की सामाग्री

 आधा किलो पनीर

जीरा

2 कटा हुआ प्याज

 3 हरी मिर्च

अदरक









1 छोटी चम्मच काली मिर्च

 स्वादनुसार नमक

 आधा कप बेसन

 स्वादानुसार नमक

 धनिया पत्ती

 1 चम्मच तेल











मुल्तानी पनीर टिक्का बनाने की विधि 


 पनीर को लंबे शेप में काट लें.
एक पेन लें उसमें 1 चम्मच तेल डालें, अच्छे से गर्म कर लें.
 अदरक, प्याज भून लें






इस मिश्रण में मसाले डालें और मसाला पकने दें.

दूसरे पेन में पनीर के टुकड़े को भूनें.

 पनीर को शेलो फ्राई करने के बाद पनीर के टुकड़े पर प्याज के भूने हुए मिश्रण को फिलिंग भरें.










 पनीर का रोल तरह की शेप देने के बाद बेसन में डिप करके तल लें. बेसन लाल होने के बाद पनीर टिक्के को तेल से बाहर निकाल लें. इसके बाद आपके मुल्लातनी पनीर टिक्के तैयार हैं. इसे सर्व करें.



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दुनिया भर में मशहूर हैं चाय के ये खूबसूरत बागान

दुनिया भर में मशहूर हैं चाय के ये खूबसूरत बागान


कुछ लोग अपने दिन की शुरुआत चाय के प्याले से करते हैं। इससे सारा दिन ताजगी बनी रहती है लेकिन आज हम खूूबसूरत चाय के बागानों की बात कर रहे हैं। 











जो देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में मशहूर हैं। 







आइए जानें इन खूबसूरत बागों के बारे में। 










मलेशिया 



इस देश से चाय का सबसे ज्यादा निर्माण किया जाता है। मलेशिया अपनी खूबसूरती के कारण जाना जाता है और यहां के पहांग राज्य के कैमरन हाइलैंड्स में चाट प्लान्टेशन किया जाता है। 





साउथ कोरिया



यहां के चाय के बागान बहुत खूबसूरत है। साउथ कोरिया के बोजूंग टी गार्डन दुनिया भर में मशहूर है। 








केरल



केरल का मुन्नार टी चाय के उत्पादन के लिए बहुत फेमस है। यहां पर दुनिया भर से लोग चाय के बाग देखने के लिए आते हैं। 



केन्या 


केन्या में स्थित किरिचो में चाय का उत्पादन किया जाता है। यह जगह कुदरती खूबसूरती लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। 








चीन 



चीन में भी बहुत खूबसूरत चाय के बागान है। हुबई में बागान की चाय दुनिया भर में मशहूर है। 






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Triple-H की पेडिग्री से टूटी थी रेसलर की गर्दन, ये हैं WWE के सबसे खतरनाक मूव्स

Triple-H की पेडिग्री से टूटी थी रेसलर की गर्दन, ये हैं WWE के सबसे खतरनाक मूव्स


WWE के सबसे खतरनाक रेसलर रहे Triple-H बुधवार को 48 साल के होने जा रहे हैं। 












14 बार के वर्ल्ड चैम्पियन रहे ट्रिपल एच का जन्म 27 जुलाई 1965 को यूनाइटेड स्टेट्स के वेस्टन में हुआ था।






ट्रिपल-एच की फाइट में सबसे ज्यादा चर्चित रहा है 












उनका पेडिग्री मूव जो WWE के सबसे खतरनाक मूव्स में से एक रहा है।







ट्रिपल-एच के करियर के शुरुआती दौर में उनके इस मूव से एक रेसलर की गर्दन लगभग टूट ही गई थी। 









 28 मई 1996 के एक मैच में ट्रिपल-एच की फाइट मार्टी गार्नर से हुई थी।






फाइनट को एंड करने के लिए ट्रिपल-एच ने अपना फिनिशर मूव पेडिग्री अपनाया तभी मार्टी इसे कोई और मूव समझ बैठे और उनकी गर्दन सीधे फ्लोर से ठकराई।











गिरते ही मार्टिन बेहोश हो गए और उनकी गर्दन में फ्रेक्चर आए।








उन्हें तत्का हॉस्पिटल ले जाया गया और किस्मत से उनकी जान बच गई।





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