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Wednesday, November 15, 2017

'दंगल' से प्रभावित होकर केरल के 'गट्टा गुश्‍ती' सीखने पहुंची 29 लड़कियां

'दंगल' से प्रभावित होकर केरल के 'गट्टा गुश्‍ती' सीखने पहुंची 29 लड़कियां


बॉलीवुड में मिस्टर फरफेक्शनीस्ट के नाम से पहचाने जाने वाले आमिर खान की फिल्म दंगल देशभर में काफी पंसद की जा रही है। 











इस फिल्म से प्रभवित होकर केरल में कई लड़किेयों ने भी कुश्ती की राह पकड़ी है। दरअसल, केरल में गट्टा गुश्ती के नाम से मिट्टी में कुश्ती का पारपंरिक खेल खेला जाता रहा है।








 लेकिन किसी फिल्म से प्रभावित होकर इस ओर निकलने की कहानी बेहद निराली है।









आमिर खान की 'दंगल' हरियाणा की दो लड़कियां गीता फोगट और बबिता फोगट की कामयाबी की कहानी है। पिता के कहने पर इन दोनों ने कुश्ती की राह पकड़ी ओर कामयाबी का झंंडा बुलंद किया।






इस फिल्म से प्रभावित होकर केरल के मेट्टनचेरी में स्थित श्री गुजराती विद्यालय हायर सैकेंडरी स्कूल में करीब 29 लड़कियों ने गट्टा गुश्ती में अपने को ट्रेेनिंग के लिए नामांकित किया है।









 इसमें मजेदार बात यह भी है कि इसके लिए खुद को नामंकित करने वाली लड़कियों में से किसी के ऊपर अपने परिवार का दबाव नहीं है। यह लड़किेयां अपनी मर्जी से और दंगल फिल्म से प्रभावित होकर यहां आई हैं।








गट्टा गुश्ती केरल का पारंपरिक खेल है। इसके साथ ही इसकी ट्रेनिंग भी काफी मुश्किल है। इसकी कठिन ट्रेनिंंग का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसमें आने वाले लोग कुछ दिनों बाद ही इसको छोड़कर चले भी जाते हैं। 











एक अंग्रेेजी अखबार ने अपनी एक खबर में इस ट्रेनिंंग का हिस्सा बनने आई 8वीं क्लास की छात्रा फरजाना के हवाले से लिखा हैकि वह इसके माध्यम से सेल्फ डिफेंस में शामिल होने वाली सभी टेकनीक सीखना चाहती हैै।वहीं इसकी ट्रेनिंंग देने वाले टीचर फारिश के मुताबिक आमिर खान की मूवी दंगल देखने के बाद इसमें आने वाले बच्चों की संख्या में आच्छा खासा इजाफा हुआ है।










इसकी ट्रेनिंंग के लिए आने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या को देेखते हुए स्कूल ऑथरिटी स्टेट ऑफ आर्ट रेसलिंग मैैट लगाने पर विचार कर रहा है। लेकिन इसकी कीमत साढ़े चार लाख रुपये है। वहीं फरजाना जैसी लड़कियां यहां पर आत्मरक्षा के बेसिक गुण सीखना चाहती हैं।









स्कूल के एग्जाम को देखते हुए उसका इसको जारी रखपाना लगभग नामुमकिन हैै। यहांं पर यह भी ध्यान में रखने वाली है कि 1970 तक केरल का समुद्री किनारा इस खेल के लिए हब हुआ करता था। 1960 में दारा सिंह ने मलेशिया के किंग कॉन्ग को यहीं महज 45 मिनट में धूल चटा कर रख दी थी।




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