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Tuesday, January 16, 2018

ट्रेड फेयर मेला देखने जा रहे हैं तो अपनी जेब पर नजर रखें

  ट्रेड फेयर मेला देखने जा रहे हैं तो अपनी जेब पर नजर रखें




नई दिल्ली/प्रगनेश सिंह। अगर आप इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का लुत्फ उठाने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। 











क्योंकि इस बार यहां पर व्यापारियों के साथ-साथ शातिर अपराधियों का भी जमावड़ा लगा है। पुलिस की लापरवाही के कारण बदमाश इतने बेखौफ हो गए हैं क्योंकि इस बार यहां पर व्यापारियों के साथ-साथ शातिर अपराधियों का भी जमावड़ा लगा है।









 पुलिस की लापरवाही के कारण बदमाश इतने बेखौफ हो गए हैं कि वह आम जन तो दूर, स्पेशल सुरक्षा में तैनात एक महिला एनएसजी अधिकारी का भी सामान चोरी करने में नहीं कतरा रहे। पीड़िता जैसे ही वॉशरूम में गई बदमाश उसका पर्स व मोबाइल चोरी कर फरार हो गए। यही नहीं आरोपियों ने एक दिन पहले पाकिस्तानी महिला










व्यापारी का पर्स चोरी कर लिया था। जिसमें अलग-अलग देश के साढ़े तीन लाख रुपए, कीमती मोबाइल, डेबिट व के्रडिट कार्ड थे। इस दौरान महिला ने पुलिस पर मदद न करने का भी आरोप लगाया था। 








पुलिस के रवैये से महिला न सिर्फ दुखी हुई, बल्कि दिल्ली पुलिस से उसका विश्वास भी उठ गया। दुखद यह है कि महिला के पास होटल जाने तक के लिए पैसे नहीं थे। हालांकि, किसी राहगीर की मदद से वह अपने होटल पहुंच गई और पीड़िता ने उसका शुक्रया भी अदा किया।









एनएसजी कमांडो हुआ शिकार


प्रगति मैदान में लगे ट्रेड फेयर में इस बार सिर्फ आम जन ही अपराधियों के निशाने पर नहीं है। सोमवार को शातिर बदमाशों ने स्पेशल सुरक्षा में तैनात महिला एनएसजी कमांडो सुप्रीत कौर का पर्स व मोबाइल चोरी कर लिया। घटना के दौरान वह वॉशरूम गई थी। पीड़िता को मामले की जानकारी वॉशरूम से आने के बाद हुई। उन्होंने तुरंत ही मामले की शिकायत पुलिस को दी।







आलाधिकारी का सामान चोरी होने की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंच गई और पीड़िता का बयान ले लिया। पुलिस मामले में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। लेकिन देर रात तक आरोपियों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग सका। 













दिल्ली पुलिस से उठ गया विश्वास



पाक मूल की रहने वाली व्यापारी कविता ओबरॉय पिछले 10 सालों से इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में हिस्सा लेती हैं। लेकिन इस बार उनका भारत आना सही नहीं रहा। रविवार को उनका पर्स किसी ने चोरी कर लिया। जिसमें अलग-अलग देश के साढ़े तीन लाख रुपए, कीमती मोबाइल, डेबिट व के्रडिट कार्ड थे। इस घटना के बाद से पीड़िता के पास एक भी रुपए नहीं रहे। वहीं रही सही कसर पुलिस ने निकाल दी।








पीड़िता का आरोप है कि दिल्ली पुलिस से उसका विश्वास उठ गया। क्योंकि मामले में केस दर्ज करने के बजाय पुलिस उसे ही परेशान कर रही थी। आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता से कहा कि इस मेले में हजारों चीज चोरी होती रहती हैं, पुलिस किस-किस का खुलासा करेगी। 







पुलिस देखती रही, बदमाश निकल लिए 

पीड़ित कविता ओबरॉय का आरोप था कि पर्स चोरी होने के बाद उसके मोबाइल पर लगातार कॉल जा रही थी। इस बात की जानकारी पीड़िता ने पुलिस को भी दी और एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपी जाता हुआ भी दिखाई दिया। लेकिन पुलिस आरोपियों को पकडऩे के बजाय उसे ही परेशान करती रही। 





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