Search This Website

Sunday, February 4, 2018

ठंड बढ़ने के साथ ही बाजार में बढ़ी गर्म कपड़े की रौन

 ठंड बढ़ने के साथ ही बाजार में बढ़ी गर्म कपड़े की रौनक




कपड़े पहनने लगे हैं। वहीं दोपहर में भी अब धूप में नरमी होने लगी है।रात में अब कुलर और पंखा का चलना बंद हो गया है। और अब मोटे चादर की जरूरत पड़ने लगी है। मौसम के इस बदलाव का असर जन-जीवन पर भी पड़ रहा है। इस स्थिति में विशेष सतर्कता की जरूरत है। खासकर बच्चे एवं वृद्ध लोगों को विशेष सतर्कता की जरूरत है। ब्लड-प्रेशर, दिल के मरीजों, एस्नोफिलिया के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। ऐसे मौसम के अनुरूप सेहत का ख्याल नहीं रखने पर कई बीमारियों का आशंका बढ़ जाता है। 













विशेष कर सर्दी और इससे संबंधित बिमारी के गिरफ्त में लोग आ जाते हैं। इस तरह के मौसम में रहन-सहन, खान-पान और पहनावा के प्रति लोगों को ध्यान देने की जरूरत है। अब ठंडे पेय पदार्थ, ठंडा या बासी खाना के साथ ही एसी की सुविधा एवं फ्रीज के ठंडे पानी और खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए। वैसे इस समय सभी उम्र के लोगों को ठंड से बचने की कोशिश करनी चाहिए लेकिन विशेष कर वृद्ध और बच्चों को ध्यान देने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में किसी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेने की जरूरत है।








सावधानी बरतने की जरूरत


बदलते मौसम में सेहत का ख्याल नहीं रखना भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि खान-पान तथा रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत है। आजकल वायरल इंफेक्शन के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गो को एहतियात बरतने की जरूरत है।













डॉ. एपी झा : मौसम में बदलाव अपने साथ बहुत सारी बीमारियां लेकर आती है। अगर हम सतर्कता नहीं बरते तो है। मौसम में तेज उतार-चढ़ाव के अनुसार शरीर अपने आप को ढाल नहीं पाता और लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। सुबह-शाम हल्का गर्म व सूती वस्त्र ही पहने और नायलॉन से बने वस्त्रों से परहेज करें। इन दिनों खान-पान तथा पहनावे पर ध्यान देने की जरूरत है। पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करें। अगर सर्दी, सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें









 इस मौसम में 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगो के हार्ट अटैक का खतरा बन जाता है। इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लें, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है। इस मौसम में सभी उम्र के लोगों को कोल्ड डायरिया के साथ ही अपर रिसपेरेटरी इंफेक्सन, ब्रौकियोलाईटीस की संभावना बढ़ जाती है। प्रकोप अधिक होता है। इससे बचने के लिए ताजा पानी व भोजन का सेवन जरूरी है। जिसका इलाज लक्षण के अनुसार की जाती है।













ठंड की धमक के साथ ही लोग गर्म कपड़ों के साथ ही रजाई बनाने में लगे हैं। बाजार में रेडीमेड रजाई के साथ ही कपड़ा और रूई खरीद कर लोग रजाई बनवाने में लगे हैं। बाजार में रूई का मूल्य 40 रूपये से लेकर 90 रूपये तक है वहीं प्रति किलो रूई धुनाई का दाम दस रूपये लिए जाते हैं। वहीं कारीगर साईज के अनुसार रजाई के टकाई का मूल्य 150 से तीन सौ तक ले रहे हैं।










बाजार में ठंडी के मौसम के चढ़ते ही यूपी के मुरादपुर से ट्रक में कंबल तथा गर्म दरी बेचने के लिए व्यवसायी सड़क किनारे दुकान लगाए हैं वही कंबल और ऊनी शाल बेचने कश्मीर से भी फेरी लगाने वाले पहुंचने लगे हैं। मुरादाबाद से आये व्यवसायी का मोटा कंबल जहां एक हजार रूपये है वहीं पतला कंबल पांच सौ में जोड़ी, दरी सात सौ की जोड़ी और तोसक तीन सौ रूपये में हैं। कश्मीर से आये फेरी लगाने वाले भी गल्ली मोहल्ले में कंबल और शाल बेचने लगे हैं। जिनका दाम दो सौ से शुरू होकर तीन हजार तक का होता है














पुपरी(सीतामढ़ी)संस : केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर के ग्रामीण कृषि मौसम द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क एवं साफ रहेगा। लेकिन 15 से 20 तारीख तक जारी अनुमान में आकाश में हल्के मध्यम बादल छाए रहने की संभावना है। 








 इस अवधि में दिन के तापमान में हल्की गिरावट के साथ अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 15 से 17 डिग्री रहेगा। सुबह में हल्का कुहासा और तराई क्षेत्र में घना कुहासा रहने की संभावना है। औसतन 5-7 किमी प्रति घंटा की गति से पुरवा हवा व चलेगी। सापेक्ष आद्रता सुबह में 85-90 प्रतिशत एवं दोपहर में 45 से 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।









बाजार में गर्म कपड़े का स्टाल फुटपाथ से लेकर शो रूम तक सज गया है। जिसमें बच्चो, युवा और महिलाओं के लिए सभी रेंज के कपड़े हैं। बाजार में वर्तमान में जैकेट हाफ तीन से सात रूपये तक, 1जैकेट फ़ुल पांच सौ से दो हजार तक, चमड़ा जैकेट दो हजार से छह हजार तक, स्कार्फ 50 से 140 रूपये तक, टोपी 40 से 60 तक, लेडिज जैकेट एक हजार के करीब, ऊलेन कुर्ती तीन सौ से एक हजार तक, मौजा सौ रूपये, इनर बीयर पांच सौ के करीब, स्टाल 150 से चार सौ तक, शॉल तीन सौ से एक हजार तक, बाबा सूट तीन सौ से सात सौ, स्वेट सेट पांच सौ तक, स्वेटर तीन सौ से दो हजार तक, सूट चार हजार से 12 हजार तक, ब्लेजर चार सौ से 15 सौ तक बाजार में मिल रही है।





No comments:

Post a Comment