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Tuesday, May 8, 2018

कलियुग को लेकर श्रीकृष्ण ने की थीं ये चौंकाने वाली भविष्यवाणियां!

कलियुग को लेकर श्रीकृष्ण ने की थीं ये चौंकाने वाली भविष्यवाणियां!



कई युगों से संस्कृत में लिखा गया यह धार्मिक ग्रन्थ मानवता का मार्गदर्शन करता आया है. धर्म क्या है, मोक्ष क्या है? क्या सही है क्या गलत है, इस धर्मग्रन्थ में सारे सवालों के जवाब है. श्रीमद्भागवत गीता को भगवान का गीत भी कहा जाता है. 







कहा जाता है, जब अर्जुन अपने रक्त संबंधियों को मारने को लेकर विचलित थे और उनके सामने एक बड़ा धर्मसंकट खड़ा हो गया था, तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन का मार्गदर्शन किया. भाग्वद्गीता में अर्जुन और श्रीकृष्ण के इसी संवाद का वर्णन है.






इस धर्मग्रन्थ के अंतिम अध्याय में कलियुग को लेकर कुछ भविष्यवाणियां भी की गई हैं.





हालांकि ये भविष्यवाणियां श्रीकृष्ण द्वारा 5000 वर्षों पहले की गई थीं लेकिन आज ये सारी भविष्यवाणियां पूरी तरह सच साबित हो रही हैं. इतने वर्षों पहले लिखे ग्रन्थ में वर्तमान के बारे में जो भी बातें कही गई हैं, बिल्कुल सटीक बैठती हैं.





इसमें धरती के अंत को लेकर भी कई चौंकाने वाली भविष्यवाणियां हैं. आखिरी की स्लाइड्स में पढ़ें धरती के अंत के रहस्य...










श्रीमद् भागवतम 12.2.1: कलियुग में धर्म, सच्चाई, स्वच्छता, सहिष्णुता, दया, जीवनकाल, शारीरिक बल और याद्दाश्त सब कुछ घटता चला जाएगा.






श्रीमद् भागवतम 12.2.2कलियुग में मनुष्य का केवल उसकी दौलत के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा. कानून और न्याय केवल किसी की शक्ति को देखते हुए लागू किया जाएगा.









श्रीमद् भागवतम 12.2.3पुरुष और स्त्रियां केवल बाहरी आकर्षण की वजह से साथ रहना शुरू कर देंगे. बिजनेस में सफलता धोखे और बेईमानी पर आधारित हो जाएगी. 






 श्रीमद् भागवतम 12.2.4-केवल बाहरी प्रतीकों से व्यक्तियों की आध्यात्मिकता सुनिश्चित की जाएगी. लोग एक आध्यात्मिक व्यवस्था से दूसरी आध्यात्मिक व्यवस्था को बदलते रहेंगे. एक शख्स की संपत्ति और प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाएंगे अगर उसकी कमाई अच्छा नहीं होगी. जो शख्स शब्दों का खेल खेलने में कुशल होंगे, ऐसे लोगों का बोलबाला रहेगा. ऐसे ही लोगों को कलियुग में विद्वान समझा जाएगा.
 



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