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Saturday, June 30, 2018

एक ऐसा गांव, जहां अध‍िकतर लोगों का डेट आॅफ बर्थ है 1 जनवरी

एक ऐसा गांव, जहां अध‍िकतर लोगों का डेट आॅफ बर्थ है 1 जनवरी



यहां तक क‍ि माता-प‍िता और सास-बहू का जन्मद‍िन भी आधार कार्ड में एक जनवरी ही दर्शाया गया है।







यूपी के यमुनापार स्थ‍ित जसरा ब्लॉक के कंजासा एक ऐसा गांव है, जहां करीब 80 लोगों का डेट ऑफ ब‍र्थ एक जनवरी है। माता-प‍िता और सास-बहू का जन्मद‍िन भी आधार कार्ड में एक जनवरी ही दर्शाया गया है। 







मामला सामने आने के बाद ग्राम प्रधान ने इसकी श‍िकायत डीएम और सीडीओ से की है। वहीं, गांव के लोगों ने दोष‍ियों के ख‍िलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।








कंजासा गांव के ग्राम प्रधान राम दुलारी मांझी ने बताया क‍ि राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में म‍िड-डे-म‍ील और स्कॉलरश‍िप जैसी योजनाओं के ल‍िए आधार कार्ड अन‍िवार्य कर द‍िया है।





इसके ल‍िए स्कूल के टीचर्स कंजासा के स्टूडेंट्स के आधार नंबर और इससे जानकार‍ियां जुटा रहे थे। इस दौरान उन्हें पता चला क‍ि आधार कार्ड में सभी का डेट ऑफ बर्थ एक जनवरी है, जबक‍ि साल अलग-अलग है।

-यही नहीं, जांच के दौरान ये भी पता चला क‍ि बच्चों के माता-प‍िता का भी जन्मत‍िथ‍ि एक जनवरी ही दर्ज क‍िया गया है।










राम दुलारी ने बताया, ''आधार कार्ड में मेरा डेट ऑफ बर्थ 1 जनवरी 1959 है, जबक‍ि मेरी बहू मीनू मांझी की डेट ऑफ बर्थ 1 जनवरी 1999 दर्ज कि‍या है।''
-इसी तरह गांव के रवि की जन्म तिथि भी 1 जनवरी 1981, सुनील निषाद की 1 जनवरी 1987, रवि निषाद की 1 जनवरी 2002, निरंजना निषाद की 1 जनवरी 1990 दर्ज कर दी गई है।






उन्होंने बताया क‍ि गांव के करीब सभी लोगों की जन्मतिथि एक ही तारीख में दर्ज होने से प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। यहां की आबादी 10 हजार है, ज‍िसमें करीब 8 हजार लोगों का डेट ऑफ बर्थ आधार कार्ड में एक जनवरी है।

-यह प्रशासन की घोर लापरवाही है। इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि गांव में फिर से शिविर लगाकर इसे सुधरवाया जाएगा।









एसडीएम राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर लोगों को अपनी डेट ऑफ बर्थ नहीं पता होती है। आधार कार्ड बनाने वाले लोग उनकी आयु पूछे और फिर उसी आधार पर 1 जनवरी ल‍िखकर स‍िर्फ अलग-अलग साल बदलते गए, जबक‍ि डेट और मंथ नहीं बदला। इसी वजह से ये गड़बड़ी हुई है।





कैनुआ कंजासा गांव में करीब 10 हजार लोगों की आबादी है। जिन लोगों के आधार कार्ड बने हैं, उनमें 80 फीसदी में डेट ऑफ बर्थ की डेट और मंथ एक है। हालांक‍ि, ये कोई एक गांव का नहीं, बल्कि इस तरह की शिकायतें जारी, सोनवर्षा, पहाड़ी, खुझी समेत दर्जनों गावों में आई हैं।

 



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Thursday, April 26, 2018

दुनिया की ऐसी चीटियां जो खुद को उड़ा लेती हैं और रिसर्च में नाम मिला है फिदायीन, हैं बेहद खतरनाक

दुनिया की ऐसी चीटियां जो खुद को उड़ा लेती हैं और रिसर्च में नाम मिला है फिदायीन, हैं बेहद खतरनाक




नन्हीं चीटियों को उनकी मेहनत की वजह से जाना जाता है। वो धुन की पक्की होती हैं और बिना काम पूरा किए नहीं रुकतीं। 










इसके अलावा उनकी तारीफ़ इसलिए भी होती है कि वो खुद काफी छोटी होने के बावजूद अपने से कई गुना ज्यादा वजन उठाकर ले जाती हैं। चीटियों का सामाजिक ताना-बाना भी गजब का है, लेकिन अब ऐसी खबर आई है जो आपको हैरान कर सकती है। 

 






दुनिया को अब ऐसी चीटियों के बारे में पता चला है कि जो शहादत देती हैं। ये चीटियां फिदायीन हमलावर की तरह खुद में धमाका कर लेती हैं।













जी हां, आपने सही पढ़ा। न्यूयॉर्क टाइम्स ने जर्नल जूकीज में छपी स्टडी के हवाले से बताया है कि ब्रुनेई के कुआला बेलालॉन्ग फील्ड स्टडीज सेंटर के सामने पेड़ों के करीब चीटियों के ऐसे कई घर हैं, जो अपने घर पर हमला होने की सूरत में अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटतीं




इन चीटियों को धमाका करने की खास प्रवृति की वजह से कोलोबोपसिस एक्सप्लोडेंस कहा जाता है।







जब इनके घोंसलों पर हमला या अतिक्रमण किया जाता है तो वो अपने पेट में धमाका कर लेती हैं। ऐसा करने से उनके पेट से चिपचिपा, चमकीला, पीला फ्लूइड निकलता है, जो जहरीला होता है।








जिस तरह मधुमक्खी डंक मारने के बाद दम तोड़ देती है, उसी तरह ये चींटियां भी अपनी जान दे देती हैं।













लेकिन उनकी ये शहादत कॉलोनी को बचा लेती है। वैज्ञानिक खुद फटने वाली इन चीटियों के बारे में दो सौ साल से ज्यादा वक्त से जानते हैं 







 और सबसे पहले 1916 में इनके बारे में लिखा गया था। लेकिन साल 1935 से इस समूह की चींटियों को कोई आधिकारिक नाम नहीं दिया गया था।




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Monday, April 2, 2018

Tiger Zinda Hai बनी 2017 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म, 423Cr बटोरकर भी नहीं तोड़ पाई इसका रिकॉर्ड

 Tiger Zinda Hai बनी 2017 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म, 423Cr बटोरकर भी नहीं तोड़ पाई इसका रिकॉर्ड


सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म 'टाइगर जिंदा है' एक के बाद एक कई रिकॉर्ड्स बना रही है. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेश में भी फिल्म की कमाई बेहतरीन रही है. 





रिलीज के 10 दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में तकरीबन 423 करोड़ रु. कमा लिए हैं. इसी के साथ यह फिल्म साल 2017 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बन गई है. इस लिस्ट में पहले नंबर पर 'बाहुबली: द कन्क्लूजन' है, जिसने 800 करोड़ बटोरे है. बॉक्स ऑफिस इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 'टाइगर' अब तक 'बाहुबली-द कन्क्लूजन' का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई है.













एक नजर साल 2017 की टॉप-10 फिल्म और उनकी कमाई पर-

1- बाहुबली: द कन्क्लूजन- 802 करोड़ रु.

2- टाइगर जिंदा है- 423 करोड़ रु. (10 दिन की कमाई)

3- गोलमाल अगेन- 308 करोड़ रु.

4- रईस- 273 करोड़ रु.

5- ट्यूबलाइट- 208 करोड़ रु.

6- जुड़वां 2- 205 करोड़ रु.

7- टॉयलेट एक प्रेम कथा- 201 करोड़ रु.

8- बद्रीनाथ की दुल्हनियां- 197 करोड़ रु.

9- जॉली एलएलबी 2- 183 करोड़ रु.

10- काबिल- 155 करोड़ रु.






423 करोड़ की कमाई के साथ 'टाइगर जिंदा है' बॉलीवुड की 7वीं सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. लिस्ट में छठे नंबर पर आमिर खान की धूम 3 (525 करोड़ रु.) और पांचवे पर सलमान खान की सुल्तान (580 करोड़ रु.) है.












'टाइगर जिंदा है' शुरुआती 10 दिनों में देशभर में 254.75 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है. 











ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के ट्वीट के अनुसार फिल्म ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर पिछले शुक्रवार को 34.10 करोड़, शनिवार को 35.30 करोड़, रविवार को 45.53 करोड़, सोमवार को 36.54 करोड़, मंगलवार को 21.60 करोड़, बुधवार को 17.55 करोड़ और गुरुवार को 15.42 करोड़ रु. कमा लिए हैं. 









वहीं, दूसरे शुक्रवार फिल्म के खाते में 11.56 करोड़, शनिवार को 14.92 करोड़ रु. और रविवार को  22.23 करोड़ रु. आए हैं. 







देश-विदेश की कमाई मिलाकर फिल्म करीब 425 करोड़ का बिजनेस कर चुकी है. 














मालूम हो कि, अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल 2012 में आई 'एक था टाइगर' की सीक्वल है. 






'एक था टाइगर' का कुल बजट 75 करोड़ रु. था. वहीं सलमान खान की फीस को छोड़कर 'टाइगर जिंदा है' 









का कुल बजट लगभग 150 करोड़ रुपए है. रिलीज के चौथे दिन ही फिल्म अपनी लागत निकालने में कामयाब रही. 





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Wednesday, February 21, 2018

आसमान में उड़ता दिखा 2018 का पहला UFO, एक्सपर्ट ने कहा- एलियन कर रहे हैं निगरानी

  आसमान में उड़ता दिखा 2018 का पहला UFO, एक्सपर्ट ने कहा- एलियन कर रहे हैं निगरानी



ये हमेशा से आम लोगों के लिए बहस का मुद्दा होता कि क्या एलियन वाकई में होते हैं?. 










लंबे समय से चले आ रहे इस प्रश्न के बीच मैक्सिको के खुले आसमान में एक अनजान चीज को उड़ते हुए देखा गया. 








इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई. ये रिकॉर्डिंग देखते ही देखते वायरल भी हो गई. इतना ही नहीं ये UFO एक्सपर्ट तक भी जा पहुंची.










डेलीमेल की खबर के मुताबिक, बाजा, मैक्सिको में एक महिला ड्राइवर ने भीड़ से भरे सड़क के ऊपर आसामान में किसी अनजान चीज को उड़ते हुए देखा.







 महिला ने फटाफट अपने सेलफोन से इस अनजान चीज की वीडियो बना ली. 








इस अनजान चीज को UFO बोला गया. 










इस कथित UFO की वीडियो जब इंटरनेट पर डाली गई तो ये देखते ही दखते वायरल हो गई.













वीडियो में दिखाई दे रहा ऑब्जेक्ट वर्टिकल है और वो आसमान में सड़के ऊपर उड़ता हुआ नजर आ रहा है. हालांकि वीडियो फुटेज में कुछ भी साफ-साफ नजर नहीं आ रहा है. लेकिन किसी वर्टिकल ऑब्जेक्ट उड़ते हुए जरूर देखा जा सकता है.








जब ये वीडियो वायरल होने लगा तो ये UFO एक्सपर्ट पेड्रो रैमिरेज़ तक पहुंचा. रैमिरेज़ ने इसे 2018 का पहला UFO घटनाक्रम घोषित किया. रैमिरेज़ ने डेलीमेल को बताया कि 2017 के आखिरी दो महीनों में UFO दिखने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं और आने वाले दिनों में ये और बढ़ेंगी. क्योंकि नासा और स्पेस एक्स अपने नई लॉन्चिंग की तैयारी में हैं.








उन्होंने आगे कहा, 'एलियंस जानते हैं कि हमने हाल ही में कई स्पेस लॉन्चिंग किए हैं और उन्होंने ये पहचाना कि हम 'युद्ध सामग्री' भेज रहे हैं.' इस तरह हमारे गतिविधियों के संबंध में वो हमारे ग्रह की निगरानी कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरनेट पर इस वीडियो को 50,000 से ज्यादा बार शेयर किया गया है






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Friday, February 9, 2018

'मिस्टर इंडिया' की वजह से अनिल कपूर को जिंदगीभर के लिए मिली ये खास चीज


  'मिस्टर इंडिया' की वजह से अनिल कपूर को जिंदगीभर के लिए मिली ये खास चीज


अनिल कपूर के अभिनय से सजी वर्ष 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'मिस्टर इंडिया' की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा है।










 इस फिल्म को जितना उस समय दर्शकों के बीच पसंद किया गया था, उतनी ही यह फिल्म आज भी पसंद की जाती है। अनिल कपूर का कहना है कि इस फिल्म ने.






बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर के अभिनय से सजी वर्ष 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'मिस्टर इंडिया' की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा है।











 इस फिल्म को जितना उस समय दर्शकों के बीच पसंद किया गया था, उतनी ही यह फिल्म आज भी पसंद की जाती है।








अनिल कपूर का कहना है कि इस फिल्म ने उन्हें निर्माता शेखर कपूर के रूप में जीवन भर का दोस्त दिया है।








शेखर कपूर ने बुधवार को अपना 72वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया था। 








 अनिल ने ट्वीट किया, "शेखर कपूर के साथ काम करने का मुझे सिर्फ एक बार मौका मिला, लेकिन एक बार ही यह जानने के लिए पर्याप्त था कि यह व्यक्ति उम्दा कहानीकार है।"








उन्होंने कहा, "मिस्टर इंडिया ने दुनिया को अपनी प्रतिभा से रूबरू कराया और मुझे जीवनभर का दोस्त दिया। जन्मदिन मुबारक मेरे दोस्त।" वहीं शेखर ने इस पर कहा, "हां, अनिल..आप मेरे जीवनभर के दोस्त हो।" शेखर ने लिखा, "'मिस्टर इंडिया' बनाने में बेहद मजा आया।"






'मिस्टर इंडिया' में अनिल कपूर के अलावा श्रीदेवी, सतीश कौशिक, अमरीश पूरी और अन्नू कपूर जैसे सितारे भी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई दिए थे।







 बता दें कि 'मासूम', 'बैंडिट क्वीन' जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले शेखर 'एलिजाबेथ' और 'एलिजाबेथ: द गोल्डन एज' जैसी अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों का भी निर्देशन कर चुके हैं।






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